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🏛️ दिव्य धाम स्थापना अभियान 🏛️

श्रद्धालुओं के लिए भक्ति और संस्कार का वैकुण्ठ

कृष्णवे धाम फाउंडेशन ने कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) में एक भव्य "दिव्य धाम" की स्थापना का पावन संकल्प लिया है। यह दिव्य मंदिर, धर्म, शिक्षा, सेवा, संस्कार एवं समाज कल्याण का एक समग्र आध्यात्मिक केंद्र होगा, जहाँ भक्ति, संस्कृति और मानव सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। इस पावन परियोजना के अंतर्गत भव्य दिव्य मंदिर, गौशाला एवं गौसेवा केंद्र, गुरुकुल एवं कौशल शिक्षा केंद्र, आयुर्वेद स्वास्थ्य सेवा केंद्र, सत्संग एवं प्रवचन हॉल तथा विभिन्न जनकल्याणकारी सेवा परियोजनाओं की स्थापना की जाएगी। इसका उद्देश्य धर्म, सेवा, शिक्षा, संस्कार और मानव कल्याण को एक सूत्र में जोड़ते हुए समाज को आध्यात्मिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है

हमारा विश्वास है कि धर्म तभी पूर्ण होता है जब वह सेवा से जुड़ता है, सेवा तभी सार्थक होती है जब उसमें संस्कार हों, और संस्कार तभी स्थायी बनते हैं जब उनका आधार आध्यात्मिकता हो। इसी विचार के साथ दिव्य धाम को आने वाली पीढ़ियों के लिए धर्म, संस्कृति, सेवा और मानवता का प्रेरणादायी केंद्र बनाया जाएगा

आपका सहयोग इस पावन संकल्प की सबसे बड़ी शक्ति है। आपका प्रत्येक योगदान केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि दिव्य मंदिर निर्माण, गौसंरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा, संस्कार एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण में आपकी अमूल्य सहभागिता है

🙏 आइए, इस दिव्य अभियान का हिस्सा बनें 🙏

🌿 आधुनिक सुविधाओं से युक्त दिव्य परिसर 🌿

दिव्य धाम का परिसर आध्यात्मिकता, सेवा, सुविधा एवं भारतीय सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम होगा। श्रद्धालुओं, साधकों एवं आगंतुकों को शांत, सुरक्षित, स्वच्छ एवं आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से यहाँ आधुनिक एवं सुव्यवस्थित सुविधाओं का विकास किया जाएगा, ताकि उनका दर्शन, साधना, प्रवास एवं आध्यात्मिक अनुभव अधिक सहज, सुखद एवं अविस्मरणीय बन सके

दिव्य मंदिर परिसर

दिव्य मंदिर परिसर

दिव्य धाम का हृदय एक भव्य एवं दिव्य मंदिर होगा, जहाँ श्री राधा-कृष्ण, भगवान श्रीराम-सीता, भगवान शिव-पार्वती एवं श्री हनुमान जी महाराज के दिव्य विग्रह स्थापित किए जाएंगे। मंदिर में दैनिक पूजा-अर्चना, आरती, भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान एवं विशेष उत्सव आयोजित किए जाएंगे। यह परिसर श्रद्धालुओं को भक्ति, साधना, ध्यान एवं आध्यात्मिक शांति का दिव्य अनुभव प्रदान करेगा

गौशाला एवं गौसेवा केंद्र

गौशाला एवं गौसेवा केंद्र

भारतीय सनातन संस्कृति में गौ माता के विशेष महत्व को ध्यान में रखते हुए दिव्य धाम परिसर में एक सुव्यवस्थित गौशाला एवं गौसेवा केंद्र स्थापित किया जाएगा। यहाँ गौ संरक्षण, गौ पालन, गौ चिकित्सा एवं गौसेवा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को गौसेवा एवं गौदान जैसे पुण्य कार्यों में सहभागी बनने का अवसर भी प्राप्त होगा

आयुर्वेद स्वास्थ्य सेवा केंद्र

आयुर्वेद स्वास्थ्य सेवा केंद्र

दिव्य धाम परिसर में स्वस्थ समाज के निर्माण हेतु आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य सेवा केंद्र की स्थापना की जाएगी। यहाँ आयुर्वेदिक परामर्श, पंचकर्म, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम एवं निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जाएगा। विशेष रूप से ग्रामीण एवं जरूरतमंद लोगों को सुलभ एवं किफायती स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी

सत्संग एवं प्रवचन हॉल

सत्संग एवं प्रवचन हॉल

दिव्य धाम परिसर में धार्मिक एवं सामुदायिक आयोजनों के लिए एक आधुनिक सुविधाओं से युक्त बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण किया जाएगा। यह हॉल संत प्रवचन, भजन-संकीर्तन, कथा-सत्संग, धार्मिक संगोष्ठियाँ, आध्यात्मिक प्रशिक्षण कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन एवं विभिन्न सामुदायिक कार्यक्रमों के आयोजन का प्रमुख केंद्र होगा

गुरुकुल एवं कौशल शिक्षा केंद्र

गुरुकुल एवं कौशल शिक्षा केंद्र

नई पीढ़ी को शिक्षा एवं संस्कारों से जोड़ने के उद्देश्य से दिव्य धाम परिसर में गुरुकुल एवं कौशल शिक्षा केंद्र स्थापित किया जाएगा। यहाँ वैदिक शिक्षा, संस्कार शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, करियर मार्गदर्शन, कंप्यूटर शिक्षा, डिजिटल प्रशिक्षण एवं रोजगारोन्मुखी कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य शिक्षित, संस्कारित एवं आत्मनिर्भर युवाओं का निर्माण करना है

सुव्यवस्थित वाहन पार्किंग

सुव्यवस्थित वाहन पार्किंग

श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों की सुविधा हेतु दिव्य धाम परिसर में दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित, एवं सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाएगी। पार्किंग क्षेत्र को आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी एवं व्यवस्थित यातायात प्रबंधन के साथ तैयार किया जाएगा, ताकि आगंतुकों को वाहन पार्किंग में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े

धार्मिक उपहार एवं पूजा सामग्री केंद्र

धार्मिक उपहार एवं पूजा सामग्री केंद्र

श्रद्धालुओं की धार्मिक एवं आध्यात्मिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दिव्य धाम परिसर में धार्मिक उपहार एवं पूजा सामग्री केंद्र की स्थापना की जाएगी। इस केंद्र पर पूजा-अर्चना से संबंधित सामग्री, धार्मिक ग्रंथ, आध्यात्मिक साहित्य, प्रसाद, स्मृति चिन्ह, पूजन सामग्री, देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ एवं चित्र, रुद्राक्ष, तुलसी माला तथा अन्य धार्मिक वस्तुएँ उपलब्ध कराई जाएंगी

खुला उद्यान रेस्तरां "अन्नकूट"

खुला उद्यान रेस्तरां "अन्नकूट"

दिव्य धाम परिसर में प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक वातावरण से युक्त "अन्नकूट" नामक एक सुंदर खुला उद्यान रेस्तरां विकसित किया जाएगा। यहाँ श्रद्धालुओं, एवं आगंतुकों को शुद्ध, सात्त्विक, पौष्टिक एवं स्वच्छ विभिन्न प्रकार के नाश्ते, मिठाइयाँ, पारंपरिक भारतीय व्यंजन, प्रसाद एवं धार्मिक उत्सवों के विशेष भोग प्रसाद की व्यवस्था उपलब्ध कराया जाएगा

स्वच्छ पेयजल एवं आवश्यक सुविधाएँ

स्वच्छ पेयजल एवं आवश्यक सुविधाएँ

दिव्य धाम परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु स्वच्छ पेयजल, विश्राम स्थल, शौचालय, स्नानगृह, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा, सहायता केंद्र एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ विकसित की जाएंगी। परिसर की स्वच्छता, सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे प्रत्येक आगंतुक को एक सुखद एवं संतोषजनक अनुभव प्राप्त हो

दिव्य धाम निर्माण में एक वर्ग फुट भूमि दान अभियान

इस लक्ष्य की पूर्ति हेतु हमें लगभग 25,000 वर्ग फुट भूमि 🌸 अनुमानित मूल्य ₹4 - 5 करोड़ की आवश्यकता है

कृष्णवे धाम फाउंडेशन ने बुद्ध नगरी कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) में एक भव्य "दिव्य धाम" की स्थापना का पावन संकल्प लिया है। इस महान उद्देश्य को साकार करने हेतु फाउंडेशन का प्रथम लक्ष्य लगभग 25,000 वर्ग फुट भूमि का क्रय करना है, जिस भूमि पर एक भव्य, बहुमंजिला एवं बहुउद्देशीय दिव्य धाम परिसर का निर्माण किया जाएगा

भूमि क्रय का लक्ष्य पूर्ण होने के पश्चात इस परिसर में दिव्य मंदिर, गौशाला एवं गौसेवा केंद्र, गुरुकुल एवं कौशल शिक्षा केंद्र, आयुर्वेद स्वास्थ्य सेवा केंद्र, विशाल सत्संग एवं प्रवचन हॉल तथा विभिन्न जनकल्याणकारी सेवा परियोजनाओं का विकास किया जाएगा। दिव्य धाम परिसर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना, आरती, सत्संग, योग एवं ध्यान, धार्मिक प्रवचन, संस्कार शिक्षा, गौसेवा, आध्यात्मिक प्रशिक्षण तथा विभिन्न सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। कृष्णवे धाम फाउंडेशन का विश्वास है कि यह दिव्य धाम आने वाली पीढ़ियों के लिए धर्म, संस्कृति, सेवा, शिक्षा और मानव कल्याण की एक अमूल्य धरोहर सिद्ध होगा तथा राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायी केंद्र के रूप में स्थापित होगा

कृष्णवे धाम फाउंडेशन बुद्ध नगरी कुशीनगर में एक भव्य "दिव्य धाम" की स्थापना का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। इस दिव्य अभियान की प्रथम आवश्यकता भूमि क्रय है। आप भी इस पुण्य कार्य में सहभागी बनकर "एक फुट ज़मीन दान करें" अभियान से जुड़ सकते हैं

भारत एवं विश्वभर के श्रद्धालुओं से हमारी अपील

दिव्य धाम निर्माण एक सामूहिक जनभागीदारी का महायज्ञ है। इस पुण्य कार्य में प्रत्येक श्रद्धालु अपना योगदान दे सकता है। दिव्य धाम का निर्माण समाज के सहयोग, दान एवं सेवा भावना से किया जाएगा। प्रत्येक श्रद्धालु, एवं धर्मप्रेमी इस पुण्य कार्य में सहभागी बनकर धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण में अपना योगदान दे सकता है, भारतवासियों एवं विश्वभर में बसे सभी प्रिय धर्मप्रेमी सज्जनों, श्रद्धालुओं, उद्योगपतियों, व्यापारियों, ट्रस्टों, धार्मिक संस्थाओं, समाजसेवियों से विनम्र निवेदन करते हैं कि वे इस पावन अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें

🙏 आपका सहयोग – दिव्य धाम का आधार 🙏

"आइए, मिलकर एक ऐसे दिव्य धाम का निर्माण करें जो आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था, सेवा, संस्कार और मानवता का प्रेरणास्रोत बने"

दिव्य धाम निर्माण हेतु शुरुआत करने के लिए एक फुट ज़मीन दान करें

एक फुट ज़मीन दान

🏛️ प्रस्तावित दिव्य धाम का प्रोजेक्ट रिपोर्ट 🏛️

॥ राधाकृष्णप्रसादेन रामचन्द्रस्य तेजसा । शम्भोः कृपाकटाक्षेण भवेत् सर्वं शुभं नृणाम् ॥